अध्याय सत्रह – हिरण्याक्ष की दिग्विजय (3.17)
1 श्रीमैत्रेय ने कहा: विष्णु से उत्पन्न ब्रह्मा ने जब अंधकार का कारण कह सुनाया, तो स्वर्गलोक के निवासी देवता समस्त भय से मुक्त हो गये। इस प्रकार वे सभी अपने-अपने लोकों को वापस चले गये।
2 साध्वी दिति अपने गर्भ में स्थित सन्तानों से देवों के प्रति किये जाने वाले उपद्रव को लेकर अत्यधिक शंकालु थी और उसके पति ने भी यही भविष्यवाणी की थी। अतः उसने एक सौ वर्षों के गर्भकाल के पश्चात जुड़वाँ पुत्रों को जन्म दिया।
3 दोनों असुरों के जन्म के समय स्वर्गलोक, पृथ्वीलोक