jagdish chandra chouhan commented on jagdish chandra chouhan's blog post यदुवंश का प्रभास गमन (11.6)
"हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे
हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे💐💐💐"
15 hours ago
jagdish chandra chouhan posted a blog post
अध्याय छह – यदुवंश का प्रभास गमन1 श्रील शुकदेव गोस्वामी ने कहा: तब ब्रह्माजी अपने पुत्रों तथा देवताओं एवं महान प्रजापतियों को साथ लेकर द्वारका के लिए रवाना हुए। सारे जीवों के कल्याणप्रदाता शिवजी भी अनेक भूत-प्रेतों से घिरकर द्वारका गये। 2-4 कृष्ण…
16 hours ago
jagdish chandra chouhan posted a blog post
अध्याय पाँच – नारद द्वारा वसुदेव को दी गई शिक्षाओं का समापन1 राजा निमि ने आगे पूछा : हे योगेन्द्रों, आप सभी आत्म-विज्ञान में परम दक्ष हैं, अतएव मुझे उन लोगों का गन्तव्य बतलाइये, जो प्रायः भगवान हरि की पूजा नहीं करते, अपनी भौतिक इच्छाओं की प्यास नहीं…
yesterday
jagdish chandra chouhan posted a blog post
अध्याय चार -- राजा निमि से द्रुमिल द्वारा ईश्वर के अवतारों का वर्णन1 राजा निमि ने कहा: भगवान स्वैच्छानुसार अपनी अन्तरंगा शक्ति से भौतिक जगत में अवतरित होते हैं। कृपया भगवान हरि के – भूत, वर्तमान तथा भावी अवतारों की – विविध लीलाओं का वर्णन करें। 2…
Tuesday
jagdish chandra chouhan posted a blog post
अध्याय तीन – माया से मुक्ति 1 राजा निमि ने कहा: अब हम भगवान विष्णु की उस माया के विषय में जानना चाहते हैं, जो बड़े बड़े योगियों को भी मोह लेती है। हे प्रभुओं, कृपा करके हमें इस विषय में बतलायें। 2 यद्यपि मैं आपके द्वारा कही जा रही भगवान की महिमा का…
Monday
jagdish chandra chouhan commented on jagdish chandra chouhan's blog post भगवान का मत्स्यावतार (8-24)
"🙏🏿हरे कृष्ण🙏🏿"
Sunday
jagdish chandra chouhan posted a blog post
अध्याय दो – नौ योगेन्द्रों से महाराज निमि की भेंट 1 श्रील शुकदेव गोस्वामी ने कहा: हे कुरुश्रेष्ठ, भगवान कृष्ण की पूजा में संलग्न रहने के लिए उत्सुक नारद मुनि कुछ काल तक द्वारका में रहे, जिसकी रक्षा गोविन्द सदैव अपनी बाहुओं से करते थे। 2 हे राजन, इस…
Sunday
jagdish chandra chouhan commented on jagdish chandra chouhan's blog post यदुवंश को शाप (11.1)
"🙏हरे कृष्ण🙏"
Saturday
jagdish chandra chouhan posted a blog post
अध्याय एक – यदुवंश को शाप 1 श्रील शुकदेव गोस्वामी ने कहा: भगवान श्रीकृष्ण ने बलराम से मिलकर तथा यदुवंशियों से घिरे रहकर अनेक असुरों का वध किया। तत्पश्चात, पृथ्वी का भार हटाने के लिए भगवान ने कुरुक्षेत्र के उस महान युद्ध की योजना की, जो कुरुओं तथा…
Saturday
jagdish chandra chouhan commented on jagdish chandra chouhan's blog post भगवान कृष्ण की महिमाओं का सारांश (10.90)
"🙏हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे
हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे🙏"
Jul 23
jagdish chandra chouhan posted a blog post
अध्याय नब्बे – भगवान कृष्ण की महिमाओं का सारांश 1-7 श्रील शुकदेव गोस्वामी ने कहा: लक्ष्मीपति भगवान सुखपूर्वक अपनी राजधानी द्वारका पुरी में रहने लगे, जो समस्त ऐश्वर्यों से युक्त थी और गणमान्य वृष्णियों तथा आलंकारिक वेषभूषा से सजी उनकी पत्नियों से…
Jul 23
jagdish chandra chouhan commented on jagdish chandra chouhan's blog post कृष्ण तथा अर्जुन द्वारा ब्राह्मण पुत्रों का वापस लाया जाना (10.89)
"🙏हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे
हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे🙏"
Jul 22
jagdish chandra chouhan posted a blog post
अध्याय नवासी – कृष्ण तथा अर्जुन द्वारा ब्राह्मण पुत्रों का वापस लाया जाना 1 श्रील शुकदेव गोस्वामी ने कहा: हे राजन, एक बार जब सरस्वती नदी के तट पर ऋषियों का समूह वैदिक यज्ञ कर रहा था, तो उनके बीच यह वाद-विवाद उठ खड़ा हुआ कि तीन मुख्य देवों में से…
Jul 22
jagdish chandra chouhan commented on jagdish chandra chouhan's blog post स्यमन्तक मणि (10.56)
"🙏हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे
हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे🙏"
Jul 22
jagdish chandra chouhan commented on jagdish chandra chouhan's blog post वृकासुर से शिवजी की रक्षा (10.88)
"🙏हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे
हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे 🙏"
Jul 21
jagdish chandra chouhan posted a blog post
अध्याय अट्ठासी -- वृकासुर से शिवजी की रक्षा  1 राजा परीक्षित ने कहा: जो देवता, असुर तथा मनुष्य परम वैरागी शिव की पूजा करते हैं, वे सामान्यतया धन सम्पदा तथा इन्द्रिय-तृप्ति का आनन्द प्राप्त करते हैं, जबकि लक्ष्मीपति भगवान हरि की पूजा करने वाले, ऐसा…
Jul 21
More…