Hare Krsna
Please accept my humble obeisance. All glories to Srila Prabhupada
यहाँ रूठी हुई राधा रानी को श्याम सुन्दर ने मनाया था. श्यामसुन्दर ने राधा रानी जी को मनाने के बहुत से उपाए किये. कभी उनके चरणों में मस्तक रखते हैं, कभी उनको पंखा करते हैं , कभी दर्पण दिखाते हैं और कभी विनती करते हैं .पर जब राधा रानी नहीं मानती हैं तब श्याम सुन्दर सखियों का सहारा लेते हैं. इन्हीं लीलायों के कारण इस स्थली का नाम "मानगढ़" पड़ा. मान माने रूठना.ये मान किसी लड़ाई या क्रोध से नहीं होता है जैसे की संसार में होता