श्रीमद भगवतम् के प्रथम स्कंध में निष्ठावान भक्तों के लक्षण उल्लिखित हैं । हमें यह पढ़कर, भक्ति में अपनी निष्ठा बढ़ाने की प्रेरणा मिलती है ।
** एक निष्ठावान भक्त को चाहिए कि वह उपनिषद, वेदांत जैसे वैदिक साहित्य, पूर्व आचायों एवं गोस्वामियों द्वारा संकलित ग्रंथों का श्रवण करें । ऐसे साहित्य का श्रवण किये बिना मनुष्य सच्ची उन्नति नहीं कर पाता । श्रवण एवं आदेशों का पालन किये बिना, भक्ति का प्रदर्शन निरर्थक है और भक्ति-पथ में अवरोध जैसा है ।
श्रीमद भगवतम् १.२.१२ (तात्पर्य)
** भगवान के दिव्य प्रेमाभक्ति क


















