आस्तिक आचरण
(Compiled from notes on lectures of H. H. Mahavishnu Goswami)
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हम अभी तक दिव्य तरंगों का उद्देश्य नही समझे हैं। बार बार ये साबित हो चुका है कि इनका अस्तित्व है। सिर्फ यही है जो कार्यान्शील है और कुछ नहीं।
मनुष्य हो