shalini garg (1)

गीता की महिमा


वैदिक ज्ञान का सार है गीता,
जीवन जीने का है ये तरीका ।।
भगवान के मुख से है कही हुई,
यह औषधि स्वयं कृष्ण की दी हुई।।
पहले भी कही थी यह सूर्य देव को,
वापिस दोहरा रहे हैं कृष्ण अर्जुन को।।
पहले तो अर्जुन ने कृष्ण को गुरु स्वीकारा,
जब ज्ञान हुआ तो उन्हें भगवान पुकारा।।
पर पूछता रहा प्रश्न अंत तक वो डटकर,
संशय का बादल जब तक उड न गया छट कर।।
अर्जुन का ज्ञान पाना तो एक बहाना था,
असल में तो उन्हे हमें ही सब बताना था।।
अगर जरा सी श्रद्धा है तो सुनना जरूर,
गीता का ये वाणी अमृत पीना जरूर ।।
गीता का मकसद हम

Read more…