हरे राम ! हरे राम ! राम राम हरे हरे
सोलह अक्षरों का ये मंत्र, महामंत्र कहलाता है
कलयुग के दोषों से बस यही हमें बचाता है
शास्त्रों ने कहा इसके अतिरिक्त कोई उपाय नही
कलयुग में और कुछ भी हो सकता सहाय नही
सतयुग में तपस्या से पास हरि के जाते थे
त्रेता में यज्ञों से उन्हें हम पास बुलाते थे
द्वापर में करते थे लोग अर्चा-विग्रह की पूजा
कलयुग में महामंत्र के सिवा उपाय नही दूजा
इस घोर कल्मष के युग में प्रभु की कृपा है
वो बस हरी कीर्तन से ही हमें मिल जाते है
कोई फर्क नही ह


