श्रीकृष्ण तथा श्रीबलराम तालवन में गर्दभ-असुरों का वध करते हैं। तात्पर्य - श्रीमदभागवतम 3.2.30 श्रील प्रभुपाद !
अध्याय दो – भगवान कृष्ण का स्मरण (3.2)
1 श्रील शुकदेव गोस्वामी ने कहा: जब विदुर ने महान भक्त उद्धव से प्रियतम (कृष्ण) का सन्देश बतलाने के लिए कहा तो भगवान की स्मृति के विषय में अत्यधिक विह्वलता के कारण उद्धव तुरन्त उत्तर नहीं दे पाये।
2 वे अपने बचपन में ही जब पाँच वर्ष के थे तो भगवान कृष्ण की सेवा में इतने लीन हो जाते थे कि जब उनकी माता प्रातःकालीन कलेवा करने के लिए बुलातीं तो वे कलेव