E-Counselor

जॉन हेर्बिसन या यशोदा दुलाल जब घर से निकलते समय अपनी पत्नी से विदा ले रहे थे तो उन्होंने यह नहीं कहा की मैं थोड़ी देर में आता हूँ, उन्होंने कहा, "मैं एक साल में आता हूँ।"
जॉन (यशोदा दुलाल दास) करीब पिछले तीस वर्षों से हरे कृष्ण भक्त हैं और वे इस्कॉन के, पाश्चात्य देशों में पहुँचने की ५०वीं वर्षगाँठ, के उपलक्ष्य में एक वर्ष की यह पदयात्रा कर रहे हैं । 
सैमसन नामक अपने पहाड़ी-घोड़े एवं १०० वर्ष पुरानी घोड़ा-गाड़ी लेकर वे न्यूज़ीलैंड के क्राइस्टचर्च से लगभग १० दिन पहले अपनी यात्रा आरम्भ कर चुके हैं ।

वे न्यूज़ीलैंड के एक छोर से दूसरे छोर तक करीब ३२०६ कि. मी. तय करेंगे । "क्राइस्टचर्च" से आरम्भ करके "क्वींसटाउन" होते हुए वे दक्षिण में सबसे अंतिम छोर "ब्लफ" तक जायेंगे और फिर वहां से उत्तर में अंतिम छोर "केप रेंगा" तक जायेंगे । वे अपनी यात्रा अगले साल जुलाई में, "ऑकलैंड" में इस्कॉन के स्थापना उत्सव के समय अंत करेंगे । रास्ते में वे अनेक लोगों से मिलकर उनसे कृष्ण भक्ति के बारे में ज्ञान साझा करेंगे और लोगो को जीवन की नश्वरता से परे शाश्वत लोक जाने के लिए हरे कृष्ण महामंत्र का नियमित उच्चारण करने का आग्रह करेंगे ।

२५ वर्ष पहले भी वे हरे कृष्ण भक्तों के एक समूह के साथ इसी तरह करीब १०० देशों की यात्रा कर चुके हैं । यह उसी यात्रा की स्मृति स्वरुप है ।

न्यूज़ीलैंड के वैतकी घाटी में जन्मे और पले-बढ़े जॉन को सदैव चुनौतीपूर्ण जीवन पसंद था । उन्होंने अपने विवाह एवं हरे कृष्ण आंदोलन से जुड़ने के पूर्व सन १९८० के दशक में, पहाड़ी गाइड एवं खोज और बचाव दल के साथ काम किया है ।

--प्रेषित: ISKCON Desire Tree - Hindi
hindi.iskcondesiretree.com
www.facebook.com/IDesireTreeHindi

E-mail me when people leave their comments –

You need to be a member of ISKCON Desire Tree | IDT to add comments!

Join ISKCON Desire Tree | IDT