Gender
Male
Birthday: June 11
Gender
Male
Birthday:
June 11
Name / Initiated name
Amit kumar sharma
Daily number of rounds of Hare Krishna mahamantra.
4
When, where and how did you come into contact with the Hare Krishna Movement?
Your YouTube chanal & TV show.
Name the nearest or most frequently Visited ISKCON temple/ centre and name few of the devotees whom you know.
मै अभी तक कहि नही जा पाया और मैने श्री आमोग लीला प्रभु जी को आपके YouTube चैनल पर सुना है।अब जयपुर जाकर में वहाँ पर सभी devotees से सम्पर्क करूँगा।
Please describe yourself so that other like minded devotees can find you.
में एक पूर्ण रूप से धार्मिक वक्ती हूँ ,मै राजस्थान के नागौर जिले मे रहता हु मेरे घर के नजदीक सतगुरु साहिब श्री विशुधानंदजी साहेब का गुरुद्वारा हे जहां सभी सन्त महात्माओ के बताये गए मार्ग की शिक्षा प्रवचन के माध्यम से और उनके रचित भजनों के माध्यम से दी जाती हे और सेवा सतसंग का कर्म नित्य प्रति करता हूँ। मेने अपनी सांसारिक शिक्षा मे इतिहास विषय से P.G तथा अध्यापक हेतु ट्रेनिंग Bstc व कम्प्यूटर नॉलेज हेतु Rs-cit कर रखी हे । और मेने अध्यापन का कार्य भी 1 वर्ष तक किया हे और 8 माह तक भारत सरकार के स्वायत्तशासी उपक्रम नेहरू युवा केंद्र में भी स्यमसेवक के पद पर कार्य किया हे।
What are your expectations from this community?
" दर्सन दो घनश्याम नाथ मोरी अंखिया प्यासी रे,द्वार दया का जब तू खोले पंचम स्वर में गूंगा बोले आंधा देखे लँगड़ा चाले पहुँचे काशी रे।।" उक्त अधोलिखीत पंक्ति हेतु हमे इस भवसागर से पार लाने हेतु एक सच्चे पुरे गुरु की आवश्यकता परम् आवश्यक हे गुरु के बिना जीवन में घोर अन्धेरा है,गुरु महिमा में गुरु के लिए लिखा हे"ज्ञानमूलम गुरु मूर्ति पूजा मूलम गुरुर पदम् मन्त्र मूलम गुरुर वाक्यम् मोक्ष मूलम गुरुर कृपा" इसलिए मेरी सिर्फ एक ही आशा हे की मूझे वक्त गुरु जो मेने श्री आमोग लीला प्रभु जी को माना हे, उनकी सरण में अपना सम्पूर्ण जीवन एक सेवक की तरह लगा दू और अपने जीवन को उनके मार्गदर्शन में सफल बनाऊ ,यही हे इक भक्त की अभिलाषा ।(विनती;;-साहिब चितवो हमारी और दयालु दाता चितवो हमारी और हम चितवै तुम चितवो नाही तुमरो ह्रदय कठोर ओरन को तो और भरोसो हमे हे भरोसो तोर साहिब चितवो हमारी और दयालु दाता चितवो हमारी ओर।।))
Describe any specific service you would love to offer to Lord Krishna & His devotees?
"अर्पित है,गोविंद , तुम्हीं को वस्तु तुम्हारी'' तन -मन- धन सम्पूर्ण मेरा जीवन ।।